Tuesday, February 26, 2019

वायुसेना ने पाक में जैश का सबसे बड़ा कैम्प तबाह किया, 25 ट्रेनरों समेत 350 आतंकी मारे गए

नई दिल्ली. पुलवामा हमले के 12 दिन बाद भारतीय वायुसेना ने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। मंगलवार तड़के 3.50 बजे मिराज-2000 लड़ाकू विमानों ने पाक की सीमा में हमला किया। लेजर गाइडेड छह बम गिराए गए। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘हमले में बालाकोट (पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वाह प्रांत) में जैश का सबसे बड़ा आतंकी कैम्प तबाह कर दिया गया। इसे मसूद अजहर का साला यूसुफ अजहर चलाता था। हमले में कई आतंकी और जैश के सीनियर कमांडर मारे गए।’’

हमले के बाद प्रधानमंत्री इमरान खान की अध्यक्षता में की गई बैठक के बाद पाकिस्तानी राष्ट्रीय सुरक्षा समिति ने कहा- भारत ने बेवजह भड़काने वाली कार्रवाई की है। अब पाकिस्तान अपने हिसाब से जगह और वक्त तय करके जवाब देगा।

मीडिया रिपोर्ट्स में सरकारी सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि इस हमले में 350 आतंकी मारे गए हैं। इनमें 25 ट्रेनर थे। उधर, न्यूज एजेंसी ने वायुसेना के सूत्रों के हवाले से बताया कि बालाकोट के अलावा एलओसी के पार पीओके के मुजफ्फराबाद और चकोटी इलाके में भी बमबारी की गई। 12 मिराज विमानों ने 1000 किलो बम बरसाए। जैश का कंट्रोल रूम अल्फा-3 उड़ा दिया गया। खुफिया सूत्रों ने कहा- बालाकोट में जहां हमला हुआ वहां 200 से ज्यादा एके राइफल, बेहिसाब हैंड ग्रैनेड, डेटाेनेटर और विस्फोटक जमा करके रखा गया था।

बताया जा रहा है कि हमले वाली जगह एलओसी से करीब 50 किलोमीटर दूर है। 14 फरवरी को हुए पुलवामा फिदायीन हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हुए थे। जैश-ए-मोहम्मद ने इसकी जिम्मेदारी ली थी।

वायुसेना ने मसूद के जिस साले यूसुफ को निशाना बनाया वह इंटरपोल की मोस्ट वॉन्टेड लिस्ट में था। हमले में मसूद अजहर के भाई तलहा सैफ, कश्मीर में आतंकी कार्रवाइयों में शामिल रहे अम्मार, अजहर खान कश्मीरी और 1999 में आईसी-814 विमान के हाईजैक में शामिल रहे मसूद अजहर के बड़े भाई इब्राहिम अजहर को भी निशाना बनाया गया।

पाक में सक्रिय आतंकियों पर पहली एयर स्ट्राइक

इससे पहले 1971 की जंग और 1999 की कारगिल की जंग के वक्त भारतीय वायुसेना ने इस तरह की कार्रवाई की थी। दाेनों ही मौकों पर भारत की कार्रवाई पाकिस्तान की सेना के खिलाफ थी। किसी आतंकी संगठन के खिलाफ भारत की यह पहली बड़ी एयर स्ट्राइक है। 2016 के उड़ी हमले के बाद भी भारत ने सर्जिकल स्ट्राइक की थी, लेकिन उसमें वायुसेना की जगह पैराट्रूपर्स को आतंकी कैम्पों को तबाह करने भेजा गया था।

बालाकोट द.एशिया में जिहाद का केंद्र
बालाकोट पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में हैं। 2005 में भूकंप के कारण यहां भयंकर तबाही मची थी। इतिहासकार आयशा जलाल के मुताबिक, बालाकोट कई मायनों में दक्षिण एशिया में जिहाद का केंद्र है। बालाकोट कश्मीर के दक्षिण और पूर्व में स्थित खगान घाटी जाने के लिए गेटवे भी है।

विदेश सचिव ने कहा- जैश के कई कमांडर मारे गए

भारत के विदेश मंत्रालय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि विदेश सचिव विजय गोखले ने कहा, "जैश-ए-मोहम्मद ने पुलवामा में हमला किया था। इसमें हमारे 40 जवान शहीद हुए थे। पिछले दो दशक से जैश पाकिस्तान में सक्रिय है।

इसका सरगना मसूद अजहर है जो पाकिस्तान के बहावलपुर में रहता है। भारतीय संसद पर 2001 में और 2016 में पठानकोट एयरबेस पर हमले में इसी आतंकी संगठन का हाथ रहा है।" 

"हमने समय-समय पर पाकिस्तान को इसके बारे में जानकारी मुहैया कराई है। पाकिस्तान ने हर बार इससे इनकार किया है। जबकि पाकिस्तान की जानकारी के बिना वहां जिहादी ट्रेनिंग कैम्प्स नहीं चल सकते। पाकिस्तान ने अब तक आतंकियों के ठिकानों को खत्म करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए।"

"हमें इंटेलिजेंस से इनपुट मिले थे कि जैश-ए-मोहम्मद भारत में कई फिदायीन हमलों को अंजाम देने वाला है। आज तड़के भारत ने कार्रवाई कर जैश के बालाकोट स्थित सबसे बड़े ट्रेनिंग कैम्प्स पर हमला कर तबाह कर दिया। इसमें जैश के आला कमांडर्स और कई आतंकी मारे गए। मसूद के रिश्तेदार समेत कई आतंकी इसमें मारे गए।"

"थलसेना की मदद के बिना यह कार्रवाई सिर्फ जैश को निशाना बनाने के लिए थी। ये आतंकी कैम्प्स रिहाइशी इलाकों से दूर जंगल के इलाकों में थे।" 

"पाकिस्तान सरकार ने 2004 में कहा था कि वह अपनी सरजमीं का इस्तेमाल आतंकियों के लिए नहीं होने देगा। हमें उम्मीद है कि पाकिस्तान अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखेगा और जैश तथा अन्य संगठनों के अन्य ठिकानों पर कार्रवाई करेगा।"

बालाकोट के पुलिस चीफ सगीर हुसैन शाह ने कहा, ‘‘हमने इलाके में टीमों को भेजा। टीम ने पाया कि किसी भी तरह की जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है, क्योंकि जहां बम गिराए गए थे वह खाली मैदान था।’’

अपडेट्स

भारतीय सेना ने गुजरात में कच्छ के अब्दासा गांव में पाकिस्तान का खुफिया ड्रोन मार गिराया।

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, सेना प्रमुख बिपिन रावत और वायुसेना प्रमुख बीएस धनोआ ने एलओसी पर सुरक्षा हालात का जायजा लिया।

विदेश मंत्री सुंषमा स्वराज ने 5:30 बजे सर्वदलीय बैठक बुलाई।

दिल्ली में कल विपक्षी पार्टियों की बैठक होगी। इसमें पुलवामा हमले और भारत की जवाबी कार्रवाई पर चर्चा होगी।

केंद्रीय प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, "नरेंद्र मोदी ने सेना को पूरी छूट दी थी। वायुसेना ने जबरदस्त पराक्रम किया है, उसके लिए उन्हें बहुत बधाई। भारत ने हमले के 100 घंटे के अंदर आतंक के साजिशकर्ताओं कार्रवाई की। फिर पाक का मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा खत्म किया। 200% ड्यूटी लगाई। भारत के पानी को वहां न जाने देने का निर्णय किया। मोदी जी पर लोगों का विश्वास है।"

प्रधामंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने निवास पर सुरक्षा पर कैबिनेट समिति (सीसीएस) की बैठक बुलाई।

भारतीय वायुसेना के हवाई हमले के बाद पाक विदेश मंत्रालय ने आपात बैठक बुलाई है।

वायुसेना सूत्रों ने बताया कि पाक के एफ-16 विमानों ने जवाबी कार्रवाई की कोशिश की लेकिन मिराज-2000 लड़ाकू विमान की फॉर्मेशन को देखकर वापस लौट गए। पश्चिमी एयर कमांड ने ऑपरेशन का कोआर्डिनेशन किया।

मिराज ने पाक के प्रांत खैबर पख्तूनख्वा में एक ठिकाने को तबाह किया। खुफिया एजेंसियों ने इसकी लोकेशन मुहैया कराई थी।

विदेश सचिव विजय गोखले ने अमेरिका, ब्रिटेन, रूस, ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया, तुर्की और चीन समेत पांच एशियाई देशों के राजनयिकों को बुलाकर बालाकोट में भारतीय वायुसेना के हवाई हमले के बारे में जानकारी दी।

भारतीय सेना ने रामधारी सिंह दिनकर की कविता ट्वीट की, लिखा- तुम हुए विनीत जितना ही, दुष्ट कौरवों ने तुमको कायर समझा उतना ही

Wednesday, February 20, 2019

बिहार की परीक्षा में सनी लियोनी ने किया टॉप! मिले 98.50% नंबर

बिहार में जूनियर इंजीनियर परीक्षा में सनी लियोनी ने टॉप किया है. लेकिन यह वो सनी लियोनी नहीं है, जो बॉलीवुड फिल्मों में थिरकती हुई दिखाई देती हैं. दरअसल बिहार पब्लिक हेल्थ इंजनीयरिंग डिपार्टमेंट (PHED) में जूनियर इंजीनियर पदों पर भर्ती के लिए आयोजित की गई परीक्षा की मेरिट लिस्ट जारी की गई है, जिसमें पहला स्थान हासिल करने वाली उम्मीदवार का नाम सनी लियोनी है.

आधिकारिक वेबसाइट पर जारी की गई मेरिट लिस्ट में सनी लियोनी ने प्रथम स्थान हासिल किया है. मेरिट लिस्ट के अनुसार, सनी लियोनी ने 98.50 फीसदी अंक हासिल किए हैं. स्कोर कार्ड के अनुसार, सनी लियोनी ने 73.50 एजुकेशन पॉइंट, 25.00 एक्सपीरियंस पॉइंट हासिल किए हैं. परीक्षा में बैठी सनी लियोनी के पिता का नाम लियोना लियोनी है और उनकी एप्लिकेशन आईडी JEC/0031211 है.

परीक्षा में टॉपर रही सनी लियोनी अभी 27 साल की हैं. खास बात ये है कि इस लिस्ट में तीसरे स्थान पर जिसने टॉप किया है, उसका नाम bvcxzbnnb है और उनके पिता का नाम mggvghhnnnn है. लिस्ट के अनुसार bvcxzbnnb ने 92.89 अंक हासिल किए हैं.

बता दें कि वेबसाइट पर जारी की गई मेरिट लिस्ट में 1000 नाम हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार आयोग ने सिविल इंजीनियर के कुल 214 पदों पर भर्ती निकाली थी. इसकी मेरिट लिस्ट फरवरी को जारी की गई.

क्या है पुराना पैटर्न

स्कूल तक पेपर कस्टोडियन बैंक से लाए जाते हैं और बैंक तक सीबीएसई की ओर से पेपर पहुंचाए जाते हैं. जिस दिन जिस विषय की परीक्षा होती है, उस दिन सुबह स्कूल के प्रतिनिधि, बैंक प्रतिनिधि और सीबीएसई के प्रतिनिधि तीनों की मौजूदगी में प्रश्न पत्र को बैंक के लॉकर से निकाला जाता है. प्रश्न पत्र बैंक से निकल कर जब स्कूल तक पहुंचते हैं, तो रास्ते में उस गाड़ी में एक सुरक्षा गार्ड, एक सीबीएसई का प्रतिनिधि और एक स्कूल का प्रतिनिधि होता है.

उसके बाद बोर्ड की परीक्षा शुरू होने से ठीक आधे घंटे पहले स्कूल प्रिंसिपल, बोर्ड के हेड एग्जामिनर और परीक्षा में निगरानी के लिए शामिल होने वाले शिक्षकों की मौजूदगी में प्रश्न पत्र को खोला जाता है. नियमों के अनुसार इसकी वीडियोग्राफी भी होती है और उसे सीबीएसई को भेजना होता है. हर मौके पर इस बात का खास ख़्याल रखा जाता है कि प्रश्न पत्र की सील खुली न हो.

बता दें कि पिछले साल सीबीएसई ने पेपर लीक की वजह से 12वीं क्लास के इकोनॉमिक्स और 10वीं क्लास के मैथ्स का पेपर दोबारा कराने का फैसला किया था.

Thursday, February 7, 2019

नोटबंदी के बाद पुराने नोट जमा करने के 1.5 लाख मामलों की जांच, गुजरात के लोग सबसे आगे

ऐसे समय में जब नोटबंदी की विफलता को लेकर मोदी सरकार राजनीतिक हमलों का सामना कर रही है, इनकम टैक्स विभाग नोटबंदी के बाद बड़ी रकम जमा करने के 1.5 लाख मामलों की जांच कर रहा है. ये ऐसे मामले हैं जिनमें बड़ी संख्या में 500 और 1000 के पुराने नोट जमा किए गए और ये कहां से आए, यानी इस कमाई का स्रोत क्या है, यह स्पष्ट नहीं है. ये ऐसे लोग हैं जिन्होंने पहले ऐसी किसी आमदनी की घोषणा नहीं की थी. दिलचस्प यह है कि इस मामले में साल 2017-18 से 2018-19 के दौरान पीएम मोदी के गृह राज्य गुजरात के लोग सबसे आगे हैं.

आयकर विभाग ने साल 2017-18 के दौरान बैंकों में बड़ी रकम जमा करने के 20,088 मामलों की जांच शुरू की है. ये मामले नोटबंदी के दौरान (8 नवंबर 2016 से 31 दिसंबर 2016) बड़ी रकम जमा करने के हैं, जब 500 और 1000 के पुराने नोट अवैध घो‍षित करने के बाद बैंक में जमा किए जा रहे थे. साल 2017-18 से 2018-19 के दौरान पुराने नोट जमा करने संबंधी सबसे ज्यादा मामले जांच के लिए गुजरात से आए हैं.

साल 2018-19 के दौरान आयकर विभाग के पास जांच के लिए ऐसे 1,34,574 मामले चुने गए. साल 2017-18 के दौरान आयकर इनकम टैक्स एक्ट 1961 की धारा 142 (1) के तहत 2,99,937 जमाकर्ताओं को नोटिस भेजा गया, जिन्होंने नोटबंदी के दौरान बड़ी रकम जमा की थी, लेकिन इनकम टैक्स रिटर्न नहीं दाखिल किया.

गौरतलब है कि आयकर विभाग को यह आशंका पहले से थी कि नवंबर 2016 में नोटबंदी के बाद काला धन रखने वाले लोग बड़ी मात्रा में पुराने नोट बैंक में जमा करने की कोशिश करेंगे, इसलिए विभाग ने इस पर अंकुश के लिए तमाम कदम उठाए थे. सबसे पहले यह नियम आया कि 9 नवंबर से 30 दिसंबर, 2016 के बीच 2.5 लाख रुपये से ज्यादा जमा के लिए PAN अनिवार्य होगा. लेकिन लोगों ने इसका भी तोड़ निकाल लिया था और 50 हजार रुपये से कम के टुकड़े-टुकड़े में जमा करते रहे. इसके बाद एनुआल इनफॉर्मेशन रिटर्न रूल (AIR) में बदलाव किए गए. बैंकों और पोस्ट ऑफिस के लिए यह अनिवार्य बनाया गया कि 9 नवंबर से 30 दिसंबर, 2016 के बीच बचत खाता में 2.5 लाख से ज्यादा नकद जमा और चालू खाते में 12.5 से ज्यादा नकद जमा के लिए AIR हो यानी आयकर विभाग को इसक जानकारी दी जाए. इन सबकी वजह से ऐसे सभी बड़ी जमाओं का पता लग गया जिनके आय का स्रोत स्पष्ट नहीं था.

संसद में एक सवाल के जवाब में वित्त राज्य मंत्री शिव प्रताप शुक्ला ने इस बारे में आंकड़ा दिया था कि किस राज्य में ऐसे जांच वाले कितने मामले हैं. उन्होंने बताया था कि 2018-19 के दौरान इस मामले में सबसे आगे गुजरात था. इसके बाद कर्नाटक, गोवा, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना हैं. साल 2017-18 के दौरान तमिलनाडु सबसे आगे था, जिसके बाद गुजरात का स्थान था.

कंपनी ने कहा कि क्वैड्रिगा के पास रखी गयी अधिकांश मुद्राएं कोल्ड वैलेट खातों में ऑफलाइन रखे गए थे. यह हैकरों से बचाव के लिए किया गया था. इन खातों का एक्सेस सिर्फ कोटेन के पास था. सीएनएन की खबर के अनुसार, कोटेन की अचानक मौत से एक्सचेंज के समक्ष एक लाख से अधिक उपभोक्ताओं को पैसे लौटाने का संकट उपस्थित हो गया.

मिल रही जानकारी के मुताबिक कंपनी के 3.63 लाख रजिस्टर्ड यूजर हैं, कोटेन की पत्नी जेनिफर रॉबर्टसन ने कोर्ट में दाखिल एफिडेविट में यह जानकारी दी है. जेनिफर की मानें तो कोटेन के मेन कंप्यूटर में क्रिप्टोकरेंसी का कोल्ड वॉलेट है जिसे सिर्फ फिजिकली एक्सेस किया जा सकता है. उसका पासवर्ड सिर्फ कोटेन जानते थे. लेकिन, उनकी मौत के बाद कोल्ड वॉलेट में क्रिप्टोकरेंसी फंस गई है.

काफी लंबे समय से रियल एस्टेट सेक्टर परियोजनाओं के सिंगल विंडो क्लियरेंस की मांग कर रहा है. लेकिन इस मांग पर अभी कोई प्रगति नहीं हुई है. कपूर ने कहा, 'किसी वजह से यदि किसी प्रोजेक्ट में देरी होती है, तो यह अव्यवहार्यता की स्थिति में पहुंच जाता है.'